
45 साल पुरानी जमीन पर कब्जे का आरोप, पचपेड़ी में मचा हड़कंप…
जमीन खरीदी पिता ने, रिकॉर्ड में नाम किसी और का….
पचपेड़ी थाना पहुंचा जमीन विवाद, वर्षों पुरानी खरीदी पर उठे सवाल..
बिलासपुर। पहले के समय में जहां गृह विभाग यानी पुलिस को भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा माध्यम माना जाता था वहीं पुलिस विभाग का रिकॉर्ड भी वर्तमान समय में राजस्व विभाग ने तोड़ दिया है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं कि बिलासपुर जिले समेत पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में राजस्व विभाग के नामांतरण बटांकन व सीमांकन सहित हर कार्य का रेट अधिकारियों ने तय कर दिया है। नामांकन कराना हो तो 20 हजार सीमांकन कराना हो तो 10 हजार और वही डायवर्सन नामांतरण का रेट भी 10 से लेकर 20 हजार तक अधिकारियों द्वारा तय कर दिया गया है।

न्यायधानी बिलासपुर के पचपेड़ी थाना क्षेत्र में राजस्व विभाग का एक नया कारनामा सामने आया है जिसमें भुरकुंडा ग्राम निवासी शीतल दास महंत ने पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है कि उनके पिता लतेल दास महंत के नाम पर भुरकुण्डा में स्थित लगभग ढाई एकड़ जमीन वर्ष 1977 में विधिवत खरीदी गई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि खरीदने के बाद नामांतरण कराकर उनका परिवार वर्षों से जमीन पर कब्जा कर खेती करता आ रहा था।लेकिन आरोप है कि वर्ष 2012-13 में हरिशचंद्र कुर्रे और अन्य लोगों ने कथित रूप से फर्जी नामांतरण कराकर उक्त जमीन अपने नाम पर दर्ज करा ली। इतना ही नहीं, जमीन के एक हिस्से लगभग 0.60 एकड़ को दूसरे को बेच भी दिया गया। जब परिवार को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड निकलवाकर जांच की, जिसमें जमीन दूसरे लोगों के नाम पर दर्ज मिली।मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने न्याय की मांग की है। वहीं पुलिस ने इसे राजस्व और भूमि संबंधी विवाद बताते हुए प्रार्थी को न्यायालय की शरण लेने की सलाह दी है। अब इस पूरे मामले को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है और पीड़ित परिवार ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत करते हुए पूरे मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत होने के बाद इस गंभीर मामले में किस तरह की कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा की जाती है।
