
बांस-कपड़े के पंडालों में बारूद का कारोबार, सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
पटाखा बाजार में सुरक्षा तार-तार, अग्निशमन वाहन नदारद; खतरे के साये में दीपावली
बिलासपुर । दीपावली पर खुशियों और रोशनी के नाम पर तखतपुर का पटाखा बाजार कहीं किसी बड़े हादसे का कारण न बन जाए! प्रशासन के तमाम दिशा-निर्देशों और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर नगर के बालक हाईस्कूल परिसर में अस्थायी पटाखा दुकानों का संचालन किया जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि बाजार में सुरक्षा के इंतजाम कम और खतरे के इंतजार की तस्वीर ज्यादा दिखाई दे रही है। ज्वलनशील बांस और कपड़ों से तैयार पंडाल, एक-दूसरे से सटी दुकानें, अपर्याप्त अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन व्यवस्था का अभाव प्रशासनिक निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
बुधवार 4 नवंबर को तखतपुर एसडीएम नारायण प्रसाद गबेल कोटा एसडीओपी नूपुर उपाध्याय, तहसीलदार एस.एस.शुक्ला एवं थाना प्रभारी सतीश साहू ने अस्थायी पटाखा दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था की ऐसी खामियां सामने आईं, जिन्होंने प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के पालन की हकीकत उजागर कर दी।
निरीक्षण में पाया गया कि लगभग सभी दुकानों का निर्माण बांस और कपड़े जैसी अत्यंत ज्वलनशील सामग्री से किया गया है। दुकानें भी इस तरह बनाई गई हैं कि वे एक-दूसरे से सटी हुई हैं और आमने-सामने होने के कारण किसी दुर्घटना की स्थिति में आग तेजी से फैलने का खतरा बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि संवेदनशील पटाखा बाजार में पर्याप्त पानी की व्यवस्था, चेतावनी संकेतक और आपातकालीन सुरक्षा इंतजाम भी नजर नहीं आए। कुछ गिने-चुने दुकानदारों के पास ही पांच किलोग्राम क्षमता वाले डीसीपी अग्निशामक यंत्र उपलब्ध मिले।
सवाल यह है कि जहां चिंगारी भी बड़ी तबाही का कारण बन सकती है, वहां सुरक्षा इंतजामों के नाम पर इतनी बड़ी लापरवाही आखिर किसकी जिम्मेदारी है? क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी?
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने पर एसडीएम ने दुकानदारों को कड़ी फटकार लगाई वही एसडीओपी नूपुर उपाध्याय ने स्पष्ट हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पटाखों की बिक्री शुरू करने से पहले सभी खामियों को तत्काल दूर किया जाए और निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए। चेतावनी भी दी गई कि निर्देशों की अवहेलना करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर चिंता अस्थायी पटाखा बाजार की लोकेशन और आपातकालीन संसाधनों को लेकर है। बाजार बालक हाईस्कूल परिसर के नजदीक संचालित हो रहा है, लेकिन किसी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल राहत के लिए अग्निशमन वाहन की उपलब्धता को लेकर सवाल बने हुए हैं। नगरवासियों की चिंता बेवजह नहीं है। तखतपुर में पूर्व में भी पटाखों के अवैध भंडारण स्थल पर आगजनी की घटना सामने आ चुकी है। ऐसे में पुराने हादसों से सबक लेने के बजाय यदि सुरक्षा इंतजामों में ढिलाई बरती जा रही है, तो यह बेहद गंभीर विषय है।
