

बिलासपुर । गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को कर्तव्य पथ, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक संस्कृति का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। बिलासपुर की प्रतिष्ठित संस्था लोक श्रृंगार भारती गेड़ी लोक नृत्य दल के 35 कलाकारों ने गेड़ी नृत्य प्रस्तुत कर देश-विदेश से आए अतिथियों का मन मोह लिया।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के आमंत्रण पर दल ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, विदेशी प्रतिनिधियों एवं मुख्य अतिथि यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन के समक्ष प्रस्तुति दी। गेड़ी की टक-टक और मांदल-बांसुरी की थाप पर कर्तव्य पथ तालियों से गूंज उठा। दल ने अध्यक्ष व निर्देशक अनिल कुमार गढ़ेवाल के नेतृत्व में 7 से 25 जनवरी तक कठिन अभ्यास किया। वंदे मातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में लगभग 2500 लोक एवं शास्त्रीय कलाकारों ने सहभागिता निभाई, जिसमें गेड़ी नर्तकों की भूमिका विशेष रही।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने रिहर्सल के दौरान गेड़ी कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और उनके साथ फोटो खिंचवाया। विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने गेड़ी नृत्य की बारीकियां सीखीं, वहीं छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने अन्य प्रदेशों की नृत्य शैलियों को जाना। प्रदर्शन के बाद बिलासपुर लौटने पर जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने दल का सम्मान किया। छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित जनप्रतिनिधियों ने भी कलाकारों को शुभकामनाएं दीं। इस उपलब्धि से बिलासपुर सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़वासी गौरवान्वित हैं।
