February 7, 2026


बिलासपुर। तखतपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सागर स्थित शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला की दान में मिली भूमि को नियमों को ताक पर रखकर 20 वर्षों के लिए लीज पर देने का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। इस प्रकरण में शाला विकास समिति के सदस्य एवं ग्राम पंचायत के पंच सुरेंद्र तिवारी, जो कि पूर्व सरपंच का रिश्तेदार भी बताया जा रहा है, पर भ्रष्टाचार में अहम भूमिका निभाने के आरोप सामने आए हैं।

जानकारी के अनुसार वर्ष 1994 में गांव के 13 दानदाताओं द्वारा विद्यालय को लगभग 7 एकड़ 19 डिसमिल कृषि भूमि दान में दी गई थी, ताकि उससे होने वाली आय का उपयोग स्कूल और बच्चों के विकास में किया जा सके। लेकिन वर्षों तक न तो आय का सही उपयोग हुआ और न ही बैंक खाता खोला गया। वर्ष 2020-21 में पंचायत प्रतिनिधियों और शाला विकास समिति के कुछ सदस्यों द्वारा बिना विभागीय अनुमति दान की भूमि को लीज पर देने का प्रस्ताव पारित किया गया। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में पंच सुरेंद्र तिवारी की सक्रिय भूमिका रही। पहले 5 वर्षों के लिए लीज दी गई, बाद में इसे बढ़ाकर वर्ष 2045 तक कर दिया गया, जो नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है।
इतना ही नहीं, दान की कृषि भूमि को विद्यालय के नाम से पंजीकृत कराने के बजाय सेवा सहकारी समिति में व्यक्तिगत नाम से पंजीयन कर उपज की बिक्री की गई। इससे विद्यालय को होने वाली आय का लाभ बच्चों तक नहीं पहुंच सका।
मामले के सामने आने के बाद वर्तमान प्रधान पाठक ने पूर्व की गड़बड़ियों पर नाराजगी जताते हुए लीज प्रस्ताव को निरस्त कराया। जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर जांच समिति गठित की गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले पंचायत प्रतिनिधियों और शाला विकास समिति के सदस्यों, जिनमें पंच सुरेंद्र तिवारी का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है, पर कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले ने पंचायत, शाला विकास समिति और प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां दान की जमीन बच्चों के भविष्य के बजाय कथित रिश्तेदारी और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।

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