
बिलासपुर । सकरी क्षेत्र में विकसित हो रही आसमा सिटी कॉलोनी को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। आरोप है कि कॉलोनी तक पहुंच बनाने के लिए रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से पक्की सड़क तैयार कर दी गई है। यही सड़क वर्तमान में आसमा सिटी और उससे जुड़े नए प्रोजेक्ट तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता बनी हुई है।

यदि रेलवे ने भविष्य में इस जमीन पर कार्रवाई की, तो कॉलोनी तक पहुंच पूरी तरह बंद हो सकती है और यहां निवेश करने वाले लोगों की मेहनत की कमाई फंसने का खतरा बढ़ जाएगा।
जानकारी के अनुसार, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा प्रस्तावित उसलापुर–सकरी–तखतपुर–मुंगेली नई रेल लाइन के लिए सकरी क्षेत्र में पहले से जमीन चिन्हांकित की गई है। सकरी क्षेत्र में लगभग 15.0820 हेक्टेयर भूमि रेलवे के नाम दर्ज है। इसी जमीन पर पहले नगर निगम ने सीसी सड़क का निर्माण कराया था, लेकिन रेलवे अधिकारियों की आपत्ति के बाद पिछले वर्ष निगम ने सड़क को उखड़वा दिया था। उस समय मामला शांत हो गया था और स्पष्ट हो गया था कि यह जमीन रेलवे की है और यहां स्थायी निर्माण नहीं किया जा सकता।
लेकिन अब आरोप है कि आसमा सिटी कॉलोनी के बिल्डर ने उसी स्थान पर दोबारा पक्की सड़क का निर्माण करा दिया है। यह सड़क सीधे कॉलोनी और वहां विकसित किए जा रहे नए प्रोजेक्ट तक पहुंचती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना इस सड़क के कॉलोनी तक पहुंचने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
बताया जा रहा है कि कॉलोनी में प्लॉट बेचने के दौरान लोगों को भविष्य में बड़े विकास, बेहतर सड़क और रेलवे लाइन के आसपास बढ़ती कीमतों का हवाला देकर निवेश के लिए प्रेरित किया जा रहा है। आकर्षक दावों और सुविधाओं का भरोसा देकर लोगों को जमीन खरीदने के लिए तैयार किया जा रहा है। कई लोग अपनी मेहनत की कमाई लगाकर यहां प्लॉट खरीद चुके हैं, जबकि उन्हें इस बात की पूरी जानकारी नहीं दी जा रही कि कॉलोनी तक जाने का रास्ता रेलवे की जमीन से होकर गुजरता है और यह स्थायी रूप से सुरक्षित नहीं है।
यदि रेलवे ने प्रस्तावित नई रेल लाइन के लिए काम शुरू किया या अपनी जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की, तो यह सड़क हटाई जा सकती है। ऐसी स्थिति में आसमा सिटी कॉलोनी तक पहुंचने के लिए वर्तमान में कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है। इससे वहां प्लॉट खरीदने वाले लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब पिछले वर्ष रेलवे की आपत्ति के बाद सड़क को हटाया जा चुका था, तो उसी जमीन पर दोबारा पक्की सड़क कैसे बन गई। क्या इस निर्माण की जानकारी संबंधित विभागों को थी, या फिर प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की गई। इस मामले में आसमा सिटी के बिल्डर सालिम जाफरी का कहना है कि वह रोड रेलवे की है, लेकिन… बिल्डर जाफरी ने और क्या कहा… कॉलोनी में बसने वालों को भविष्य में किस रस्ते से घूमकर जाना पड़ेगा, इसका भी खुलासा किया, जिसे हम अगले अंक में प्रकाशित करेंगे
बिलासपुर। सकरी क्षेत्र में विकसित हो रही आसमा सिटी कॉलोनी को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। आरोप है कि कॉलोनी तक पहुंच बनाने के लिए रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से पक्की सड़क तैयार कर दी गई है। यही सड़क वर्तमान में आसमा सिटी और उससे जुड़े नए प्रोजेक्ट तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता बनी हुई है। यदि रेलवे ने भविष्य में इस जमीन पर कार्रवाई की, तो कॉलोनी तक पहुंच पूरी तरह बंद हो सकती है और यहां निवेश करने वाले लोगों की मेहनत की कमाई फंसने का खतरा बढ़ जाएगा।
जानकारी के अनुसार, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा प्रस्तावित उसलापुर–सकरी–तखतपुर–मुंगेली नई रेल लाइन के लिए सकरी क्षेत्र में पहले से जमीन चिन्हांकित की गई है। सकरी क्षेत्र में लगभग 15.0820 हेक्टेयर भूमि रेलवे के नाम दर्ज है। इसी जमीन पर पहले नगर निगम ने सीसी सड़क का निर्माण कराया था, लेकिन रेलवे अधिकारियों की आपत्ति के बाद पिछले वर्ष निगम ने सड़क को उखड़वा दिया था। उस समय मामला शांत हो गया था और स्पष्ट हो गया था कि यह जमीन रेलवे की है और यहां स्थायी निर्माण नहीं किया जा सकता।
लेकिन अब आरोप है कि आसमा सिटी कॉलोनी के बिल्डर ने उसी स्थान पर दोबारा पक्की सड़क का निर्माण करा दिया है। यह सड़क सीधे कॉलोनी और वहां विकसित किए जा रहे नए प्रोजेक्ट तक पहुंचती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना इस सड़क के कॉलोनी तक पहुंचने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
बताया जा रहा है कि कॉलोनी में प्लॉट बेचने के दौरान लोगों को भविष्य में बड़े विकास, बेहतर सड़क और रेलवे लाइन के आसपास बढ़ती कीमतों का हवाला देकर निवेश के लिए प्रेरित किया जा रहा है। आकर्षक दावों और सुविधाओं का भरोसा देकर लोगों को जमीन खरीदने के लिए तैयार किया जा रहा है। कई लोग अपनी मेहनत की कमाई लगाकर यहां प्लॉट खरीद चुके हैं, जबकि उन्हें इस बात की पूरी जानकारी नहीं दी जा रही कि कॉलोनी तक जाने का रास्ता रेलवे की जमीन से होकर गुजरता है और यह स्थायी रूप से सुरक्षित नहीं है।
यदि रेलवे ने प्रस्तावित नई रेल लाइन के लिए काम शुरू किया या अपनी जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की, तो यह सड़क हटाई जा सकती है। ऐसी स्थिति में आसमा सिटी कॉलोनी तक पहुंचने के लिए वर्तमान में कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है। इससे वहां प्लॉट खरीदने वाले लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब पिछले वर्ष रेलवे की आपत्ति के बाद सड़क को हटाया जा चुका था, तो उसी जमीन पर दोबारा पक्की सड़क कैसे बन गई। क्या इस निर्माण की जानकारी संबंधित विभागों को थी, या फिर प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की गई। इस मामले में आसमा सिटी के बिल्डर सालिम जाफरी का कहना है कि वह रोड रेलवे की है, लेकिन… बिल्डर जाफरी ने और क्या कहा… कॉलोनी में बसने वालों को भविष्य में किस रस्ते से घूमकर जाना पड़ेगा, इसका भी खुलासा किया, जिसे हम अगले अंक में प्रकाशित करेंगे
