July 28, 2026


बिलासपुर। सर्पदंश मृत्यु आर्थिक सहायता प्रकरणों में दर्ज आपराधिक मामलों को लेकर अब बिलासपुर के राजस्व लिपिकों में नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश राजस्व लिपिक संघ ने संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर लिपिकों के खिलाफ हो रही कथित एकतरफा कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
संघ का कहना है कि थाना सरकंडा में दर्ज विभिन्न अपराधों में तीन लिपिकों को बिना पूर्व नोटिस गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि आठ अन्य लिपिक पुलिस के नोटिस पर स्वयं थाना पहुंचकर जांच में पूरा सहयोग कर चुके हैं। इसके बावजूद केवल वाचकों (रीडर) को निशाना बनाए जाने पर संघ ने गंभीर आपत्ति जताई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्राकृतिक आपदा राहत के मामलों में वाचक की भूमिका केवल न्यायालयीन दस्तावेजों का संधारण और उन्हें पीठासीन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने तक सीमित होती है। दस्तावेजों की सत्यता की जांच या आदेश पारित करने का अधिकार संबंधित तहसीलदार या पीठासीन अधिकारी का होता है। ऐसे में केवल लिपिकों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई विधि सिद्धांतों के विपरीत है।
राजस्व लिपिक संघ ने यह भी मांग की है कि यदि जांच के दौरान न्यायालय के समक्ष मिथ्या तथ्य या कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं, तो भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत वास्तविक दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो 28 जुलाई से सामूहिक अवकाश पर जाने के साथ चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिससे राजस्व विभाग के कामकाज पर असर पड़ सकता है।
राजस्व लिपिक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी
ने कहा कि हम जांच का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन बिना पर्याप्त जांच और केवल दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले लिपिकों पर आपराधिक कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। दोषी जो भी हो, उसके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। 

वहीं जिला अध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने भी कहा कि
पुलिस द्वारा मामले की जांच कानून के अनुसार की जा रही है। जांच के दौरान सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।”
फिलहाल इस पूरे मामले पर सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है। यदि राजस्व लिपिक संघ सामूहिक अवकाश पर जाता है, तो जिले में राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

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